कॉमिक के पीछे
वास्तविक सामुदायिक घटनाओं और गेटेड सुविधाओं बनाम पड़ोस के अपनापन पर हुई ऑनलाइन चर्चा से प्रेरित यह काल्पनिक कॉमिक पहचान के दो तरीकों को साथ रखती है। सामने वाले पड़ोसी ने रोहन को देखते ही उसकी पुणे यात्रा याद कर ली और उसे मकान नंबर ११३५ से जोड़ दिया। दूसरी ओर आगंतुक रजिस्टर ऐप बनता है, ऐप डैशबोर्ड और डैशबोर्ड कमांड सेंटर—फिर भी निवासी नहीं मिलता। यह तकनीक के विरुद्ध फैसला नहीं, बल्कि परिचय, सुरक्षा और अपार्टमेंट की रस्मों पर एक स्नेहपूर्ण मज़ाक है।
